“Nanda Himala ” Kamal Joshi & Dhun Pahadi Production द्वारा प्रस्तुत नया कुमाऊनी गाना है। इस गाने को अपनी सुरीली जुगलबंदी आवाज़ दी है ललित गीत्यार और ममता आर्य ने। नन्दा हिमाला” पहाड़ों के प्रति प्रेम, आस्था और गहरे अपनत्व के भाव से जुड़ा गाना है। यह रचना जन्मभूमि को नमन करती है और वहाँ की लोकसंस्कृति, परंपराओं एवं मूल्यों के लिए आशीष वचन बोलती है। गीत में पहाड़ों की आत्मा, उनकी सादगी और पवित्रता साफ झलकती है।
| Song | Nanda Himala |
| Singer | Lalit Gityar & Mamta Arya |
| Lyrics | Kamal Joshi |
| Label | Dhun Pahadi Production |
Nanda Himala kumaoni Song Lyrics
Table of Contents
Nanda Himala kumaoni Song Lyrics in Hindi
जननी जन्मभुमी त्वीछै मेरी त्वीलै छ पाला
तेरी काखी तेरा ऑंचल मां मिले होश संभाला
तेरी खुटी मा झुकी बेर धरूँ मैं यौ कपाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
नंदा हिमाला, नंदा हिमाला
बुरूसि फूल खिली रौ, हरी बाजाणी धुरा मैं
कि न्यौली गीत गानी रौ, कि डाली डाली सुरा मैं
बुरूसि फूल खिली रौ, हरी बाजाणी धुरा मैं
कि न्यौली गीत गानी रौ, कि डाली डाली सुरा मैं
पहाडा बची रया ढकी रया ह्यू कि दुश्याला
पहाडा बची रया ढकी रया ह्यू कि दुश्याला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
गंगै कि धारा बची रौ, बची रौ गाड गध्यारा
धिन्याई पाणी बची रौ, बची रौ यॉं का यो त्यारा
गंगै कि धारा बची रौ, बची रौ गाड गध्यारा
धिन्याई पाणी बची रौ, बची रौ यॉं का यो त्यारा
दिया केदारा तुम असीक दिया बद्री विशाला
दिया केदारा तुम असीक दिया बद्री विशाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
झोडा चाचरी बची रौ,बची रौ थडिया चोफला
ढोल दमौं कि घमा घम, लागी रौ साल रे साला
झोडा चाचरी बची रौ,बची रौ थडिया चोफला
ढोल दमौं कि घमा घम, लागी रौ साल रे साला
यॉंका बालक बची रईं बची रईं यॉंकी बाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
मांसी को फूल चडूलौ खिलैं जो नंदा हिमाला
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