पीएम फसल बीमा योजना 2025: जानें पूरी जानकारी
पीएम फसल बीमा योजना:- 11 अगस्त 2025 देश के लाखों किसानों के लिए ख़ुशी का दिन है। आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के झुंझुनूं से एक विशेष कार्यक्रम में रबी की फसल के नुकसान के लिए पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत देश के 35 लाख किसानों के खातों में 3900 करोड़ रुपये की पहली किश्त ट्रांसफर की। यह कदम किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आइए, जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से और पल-पल की अपडेट्स पर नजर डालते हैं।
योजना का उद्देश्य और महत्व
पीएम फसल बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, व कीड पतंगों से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाना है। यह योजना 2016 को शुरू की गई थी, जो अब देश के 23 करोड़ से अधिक किसानों तक पहुंच चुकी है। इस योजना के तहत किसानों को मामूली प्रीमियम देकर अपनी फसलों का बीमा कराने का अवसर मिलता है, और नुकसान होने पर मुआवजा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाता है।
पहली किश्त: आज दोपहर 12:30 बजे के बाद शुरू हुए कार्यक्रम में 35 लाख किसानों को 3900 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से दी गई। जिस में मध्य प्रदेश के किसानों को 1156 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ के किसानों को 152.84 करोड़ रुपये और राजस्थान के किसानों को 1200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई। जिन किसानों के खातों में आज पैसा नहीं आया, उनके लिए 8000 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त जल्द जारी होगी।
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योजना में शामिल फसलें और कवरेज
पीएम फसल बीमा योजना:- इस योजना के तहत खाद्यान्न, तिलहन, वाणिज्यिक, और बागवानी फसलों को कवर किया जाता है। बुवाई से कटाई तक की अवधि और विशेष परिस्थितियों में कटाई के बाद 14 दिनों तक का नुकसान भी इस बीमा के दायरे में आता है। प्रीमियम दरें कुछ इस प्रकार हैं—रबी के लिए 1.5%, खरीफ के लिए 2%, और वाणिज्यिक फसलों के लिए 5%—जिसका बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है।
बीमा करने की प्रक्रिया और दस्तावेज
किसान ऑनलाइन पोर्टल या नजदीकी बैंक/सीएससी सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। खरीफ की फसल के लिए समय सीमा। जिन किसानों ने सरकार से कोई भी कर्ज नहीं लिया है उनके लिए 14 अगस्त और जिन्होंने कर्ज लिया है उनके लिए 31 अगस्त तक का समय है।
आवश्यक दस्तावेज: पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खेत के कागजात, और फसल का घोषणापत्र।
क्लेम प्रक्रिया: नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना दें, दस्तावेज जमा करें, और 2 महीने में मुआवजा मिल सकता है।
पीएम फसल बीमा योजना की सुविधाएं और लाभ
देरी पर ब्याज: अगर क्लेम में देरी होती है, तो बीमा कंपनी को 12% ब्याज किसानों को देना होगा।
फ्री बीमा: हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, और उत्तर-पूर्वी राज्यों के किसानों के लिए यह प्रीमियम मुफ्त है।
स्टेटस चेक: पोर्टल पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करके क्लेम की स्थिति देखें।
किसानों के लिए सुझाव
अगर आपका पैसा अभी खाते में नहीं आया है, तो चिंता न करें। पोर्टल पर स्टेटस चेक करें या हेल्पलाइन नंबर 14447 व 7065514447 पर संपर्क करें। यह योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच है, जो उन्हें कठिन समय में आर्थिक सहारा देती है।
पीएमएफबीवाई (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना)क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) किसानों के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है, यह योजना फसल को प्राकृतिक आपदाओं, कीटों आदि से जो नुकसान होता है। उसमें किसानों को वित्तीय सहायता मिलती है।
कौन से नुकसान इस बीमा योजना में शामिल हैं?
इस बीमा योजना में शामिल नुकसान : प्राकृतिक आपदा जैसे: सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, भूस्खलन और बेमौसम वर्षा आदि और फसल को कीटों द्वारा नुकसान पहुँचाना।
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